
नेरवा बाईपास की दशकों पुरानी मांग अधर में, जाम से हर रोज़ जूझ रहे लोग
नेरवा/चौपाल : नेरवा की दशकों पुरानी बाईपास निर्माण की मांग आज भी अधूरी है। बाईपास नहीं बनने के कारण नेरवा बाजार में आए दिन लंबा जाम लगना आम बात हो गई है। स्थानीय लोगों, व्यापारियों और वाहन चालकों को घंटों तक जाम में फंसकर परेशानी झेलनी पड़ती है। विशेषकर सुबह-शाम और सेब सीजन के दौरान वाहनों का दबाव बढ़ने से स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से बाईपास निर्माण की मांग उठाई जा रही है। इस दौरान कई सरकारें आईं और गईं, कई विधायक भी बदले, लेकिन आज तक इस महत्वपूर्ण मांग को पूरा नहीं किया गया। चुनाव के समय बाईपास निर्माण के बड़े-बड़े आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाता है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि नेरवा बाजार चौपाल, कुपवी और उत्तराखंड की ओर जाने वाले वाहनों का प्रमुख मार्ग है। संकरी सड़क और बाजार के बीच से गुजरने वाले भारी वाहनों के कारण आए दिन जाम की स्थिति बन जाती है। इससे आम लोगों, स्कूली बच्चों, मरीजों और व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
लोगों ने प्रदेश सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि नेरवा बाईपास के निर्माण को प्राथमिकता दी जाए, ताकि बाजार में लगने वाले जाम से स्थायी राहत मिल सके और क्षेत्र के विकास को भी गति मिले। अब क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि उनकी वर्षों पुरानी यह चिरलंबित मांग जल्द पूरी होगी और नेरवा को ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिलेगी।






